Sunday, 3 December 2017

पत्नी की फटकार का महत्व-

              पत्नी की फटकार है अद्भुत,
             अद्भुत है पत्नी की मार।
             पत्नी के ताने सुन सुन कर,
             खुलते ज्ञान चक्षु के द्वार।।

दस्यु सुना उत्तर पत्नी का
भरम हो गया अंतर्ध्यान।
हार गई पत्नी से दस्युता
बाल्मिकी हुए कवि महान।।

             पत्नी से जब मार पड़ी तब,
             रोया फूट फूट नादान।
             कालिदास अनपढ़ मतिमंदा,
             हो गए कवि विद्वान महान।।

पत्नी की फटकार सुनी जब,
तुलसी भागे छोड़ मकान।
राम चरित मानस रच डाला,
जग में बन गए भक्त महान।।

             पत्नी छोड़ भगे थे जो जो,
             वही बने विद्वान महान।
             गौतम बुद्ध महावीर तीर्थंकर,
             पत्नी छोड़ बने भगवान।।

पत्नी छोड़ जो भागे मोदी
हुए आज हैं पंत प्रधान।।
अडवाणी ना छोड़ सके तो,
देख अभी तक हैं परेशान।।

             नहीं किया शादी पप्पू ने,
             नहीं सुनी पत्नी की तान।
             इसीलिए करता बकलोली,
             बना है मूर्ख मूढ़ नादान।।

हम भी पत्नी छोड़ न पाए,
इसीलिए तो हैं परेशान।
पत्नी छोड़ बनो सन्यासी,
पाओ मोक्ष और निर्वाण।।

आनन्द लीजिये।

इस संदेस से जिसे भी ज्ञान प्राप्त हो जरूर प्रयास करे।शायद 2019 में PM बनने का सौभाग्य प्राप्त हो जाये।
*परिवर्तन देखिये*

1. पहले शादियों में घर की औरतें खाना बनाती थीं और नाचने वाली बाहर से आती थीं। अब खाना बनाने वाले बाहर से आते हैं और घर की औरतें नाचती हैं।

2- पहले लोग घर के दरवाजे पर एक आदमी तैनात करते थे ताकि कोई कुत्ता घर में न घुस जाये। आजकल घर के दरवाजे पर कुत्ता तैनात करते हैं ताकि कोई आदमी घर में न घुस जाए।

3- पहले आदमी खाना घर में खाता था और लैट्रीन घर के बाहर करने जाता था। अब खाना बाहर खाता है और लैट्रीन घर में करता है।



4- पहले आदमी साइकिल चलाता था और गरीब समझा जाता था। अब आदमी कार से ज़िम जाता है साइकिल चलाने के लिए।
       

चारों महत्वपुर्ण बदलाव हैं !

वाह रे मानव तेरा स्वभाव....
।। लाश को हाथ लगाता है तो नहाता है ...
पर बेजुबान जीव को मार के खाता है ।।

यह मंदिर-मस्ज़िद भी क्या गजब की जगह है दोस्तो.
जंहा गरीब बाहर और अमीर अंदर 'भीख' मांगता है..
 विचित्र दुनिया का कठोर सत्य..

          बारात मे दुल्हे सबसे पीछे
            और दुनिया  आगे चलती है,
         मय्यत मे जनाजा आगे
           और दुनिया पीछे चलती है..

           यानि दुनिया खुशी मे आगे
          और दुख मे पीछे हो जाती है..!

अजब तेरी दुनिया
गज़ब तेरा खेल

मोमबत्ती जलाकर मुर्दों को याद करना
और मोमबत्ती बुझाकर जन्मदिन मनाना...
Wah re duniya !!!!!
✴ लाइन छोटी है,पर मतलब बहुत बड़ा है ~

उम्र भर उठाया बोझ उस कील ने ...

और लोग तारीफ़ तस्वीर की करते रहे ..
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✴  पायल हज़ारो रूपये में आती है, पर पैरो में पहनी जाती है

और.....

बिंदी 1 रूपये में आती है मगर माथे पर सजाई जाती है

इसलिए कीमत मायने नहीं रखती उसका कृत्य मायने रखता हैं.
〰〰〰〰〰〰
✴  एक किताबघर में पड़ी गीता और कुरान आपस में कभी नहीं लड़ते,

और

जो उनके लिए लड़ते हैं वो कभी उन दोनों को नहीं पढ़ते....
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✴  नमक की तरह कड़वा ज्ञान देने वाला ही सच्चा मित्र होता है,

मिठी बात करने वाले तो चापलुस भी होते है।

इतिहास गवाह है की आज तक कभी नमक में कीड़े नहीं पड़े।

और मिठाई में तो अक़्सर कीड़े पड़ जाया करते है...
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✴  अच्छे मार्ग पर कोई व्यक्ति नही जाता पर बुरे मार्ग पर सभी जाते है......

इसीलिये दारू बेचने वाला कहीं नही जाता ,

पर दूध बेचने वाले को घर-घर
गली -गली , कोने- कोने जाना पड़ता है ।
〰〰〰〰〰〰〰〰

✴  दूध वाले से बार -बार पूछा जाता है कि पानी तो नही डाला ?

पर दारू मे खुद हाथो से पानी मिला-मिला कर पीते है ।



Very nice line
इंसान की समझ सिर्फ इतनी हैं
कि उसे "जानवर" कहो तो
नाराज हो जाता हैं और
"शेर" कहो तो खुश हो जाता हैं!
जबकि शेर भी जानवर का ही नाम है
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Sunday, 8 January 2017

औरतों की सबसे बड़ी समस्या !!

जब बहु बनती है तब सास अच्छी नहीं मिलती !

-.-
-.-
और
जब सास बनती है...
तब बहु अच्छी नहीं मिलती !!
😂 😂 😂 😁 😁 😁

आप भी सोचें-

*उत्साह एवं संतुष्टि पैसों पर नहीं, परिस्थितियों पर निर्भर करती है......*                                                                       *एक बच्चा गुब्बारा ख़रीद कर संतुष्ट  था*                                          

*तो दूसरा....*                                                                                   *उसे बेच कर..!!!*
😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊

आप सबसे निवेदन है, यह मैसेज सिर्फ 3 लोगों को अवश्य भेजें... और उन तीन लोगो को कहे की यह मैसेज आगे तीन लोगों को भेजें, हम सब बलिदान ना सही पर देश कै लिए इस छोटा सा काम तो कर सकते हैं ना:

1. कचरा सड़क पर ना फैंकें।
2. सड़कों, दीवारों पे ना थूकें।
3. नोटों पर और दीवारों पर ना लिखें।
4. गाली देना छोड़ दें।
5. जल, बिजली बचाएँ।
6. एक पोधा लगाएँ।
7. ट्रेफिक रूल्स ना तोडें।
8. प्रतिदिन माता पिता का आशीर्वाद लें।
9. लड़कियों सम्मान करें।
10. एम्बुलेंस को रास्ता दें।

देश को नहीं, पहले स्वमं को बदलें।

अगर समय हो तो आगे भेजे। 😊😊😊😊😊😊

*"मीठी हँसी"* ... *"उग्र क्रोध"* .. और.. *"नमकीन अश्रु"...,*
इन *"तीनों के स्वाद"* से, *"बनी है रेसिपी"..*  जीवन.. की !!

कभी कभी *"क्रोध"*,
हँसी से भी ज्यादा *‘स्पेशल‘* होता है,
क्योंकि!
     *"हँसी"* तो सबके लिए होती है,
मगर *"क्रोध"* सिर्फ उसके लिए होता है,
जिसे हम कभी *"खोना"* नहीं चाहते !
🍁🌺👌🙏👌🌺🍁
*"प्रसन्न रहिये हँसते रहिये"*
        🙏शुभ प्रभात🙏
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

⚡⚡🌩⛈🌧🌦☁⚡⚡
आज का विचार-

कर्मों की ध्वनि,
शब्दों से भी ऊँची होती है...!
दूसरों को परामर्श देना
तथा आलोचना करना,
सबसे सहज कार्य है।
सबसे कठिन कार्य है,
चुप रहना और आलोचना सुनना...!!
यह आवश्यक नहीं कि हर लड़ाई जीती ही जाए, आवश्यक तो यह है कि हर हार से कुछ सीखा जाए।।
👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌